गरुभपात: समझें क्या है, कब कर सकते हैं और कहाँ मिलती है सहायता

अगर आप या आपका कोई जानकार गर्भधारण को लेकर परेशान है तो पहले यह जानना जरूरी है कि गरुभपात क्या है। सरल शब्दों में कहा जाए तो यह वह प्रक्रिया है जिससे महिला अपने गर्भ को समाप्त करती है। भारत में इसका कानूनी ढांचा और सुरक्षित तरीका दोनों मौजूद हैं, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं।

कब तक गर्भपात वैध है?

भारत के मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) एक्ट 1971 के तहत गर्भवती महिला को पहले 20 हफ्ते तक बिना किसी कारण के गर्भपात करवाने का अधिकार है। यदि दो डॉक्टर प्रमाणित करें कि जीवन या शारीरिक स्वास्थ्य खतरे में है, तो यह सीमा 24 हफ्ते तक बढ़ सकती है। कुछ गंभीर जन्म दोषों वाले मामलों में डॉक्टर की राय से इसे और आगे ले जाना भी संभव है।

सुरक्षित गर्भपात के तरीके

गर्भधारण के समय पर निर्भर करके दो मुख्य तरीका उपयोग होते हैं:

  • दवा द्वारा (मेडिकल एबोर्शन): 7-9 हफ्ते तक की गर्भावस्था में दवाओं से गर्भ को बाहर निकाला जाता है। इस प्रक्रिया में दो अलग-अलग दवाएँ दी जाती हैं, पहली दिन और दूसरा दिन। घर पर आराम से किया जा सकता है लेकिन डॉक्टर का फ़ॉलो‑अप ज़रूरी है।
  • सर्जिकल एबोर्शन: 10 हफ्ते से लेकर 20 हफ्ते तक की गर्भावस्था में यह तरीका अपनाया जाता है। इसमें डॉक्टर सुई या छोटा उपकरण इस्तेमाल करके गर्भ को हटाते हैं। प्रक्रिया तेज़ होती है और आमतौर पर एक घंटे के भीतर समाप्त हो जाती है।

दोनों ही तरीकों में सबसे अहम बात सफ़ाई, प्रशिक्षित डॉक्टर की देखरेख और उचित दवाओं का उपयोग है। बिना लाइसेंस वाले क्लिनिक या घर में किए गए गर्भपात से संक्रमण, रक्तस्राव और भविष्य के प्रजनन समस्याएँ हो सकती हैं।

गर्भपात करवाने से पहले आपको कुछ बेसिक सवाल पूछने चाहिए: डॉक्टर कितनी बार इस काम को कर चुके हैं? क्या क्लिनिक साफ़‑सुथरा है? पोस्ट‑ऑपरेटिव देखभाल कैसी होगी? ये बातें सुनिश्चित करती हैं कि प्रक्रिया सुरक्षित रहे।

अगर आप आर्थिक कारणों से परेशान हैं, तो कई राज्य सरकारें मुफ्त या कम लागत पर गर्भपात सेवाएँ देती हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सरकारी अस्पतालों में यह सुविधा उपलब्ध है। आप अपने नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) या जिला अस्पताल से संपर्क करके अपॉइंटमेंट ले सकते हैं।

गर्भपात के बाद भावनात्मक समर्थन भी ज़रूरी है। कई NGOs और हेल्पलाइन नंबर ऐसी स्थितियों में काउंसलिंग देते हैं। अगर आप अकेले महसूस कर रहे हैं, तो किसी भरोसेमंद दोस्त या परिवार के सदस्य को बताएं या पेशेवर सलाह लें। याद रखें, यह फैसला आपका अधिकार है और इसे सही जानकारी से लेना चाहिए।

संक्षेप में, गरुभपात एक वैध मेडिकल प्रक्रिया है जब तक आप कानूनी समय सीमा और डॉक्टर की सलाह का पालन करते हैं। दवा या सर्जिकल तरीका चुनें, साफ़ क्लिनिक पर जाएँ और पोस्ट‑केयर न भूलें। अगर किसी भी चरण में संदेह हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें—आपकी सुरक्षा पहले आती है।

एलेक्जेंड्रा डैडारियो पति के साथ पहले बच्चे की उम्मीद कर रही हैं: गर्भपात के बाद खुशखबरी

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अभिनेत्री एलेक्जेंड्रा डैडारियो अपने पहले बच्चे की उम्मीद कर रही हैं। वह और उनके पति एंड्रू फॉर्म, जिन्होंने 2022 में शादी की थी, ने पहले गर्भपात का सामना किया था। डैडारियो ने यह खबर वोट पत्रिका और इंस्टाग्राम पर साझा की, जहाँ उन्होंने अपनी खुशी जाहिर की।

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