भारत में अब कई जगह तेज़ बारिश शुरू हो गई है। उत्तर प्रदेश, राजस्थान‑मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में इंटेंस रेनफ़ॉल की चेतावनी आई है। अगर आप इन क्षेत्रों में रहते हैं या यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो नीचे दी गयी जानकारी मददगार होगी।
मौसम अलर्ट कैसे देखें?
इंडियन मीटियोरोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) हर घंटे अपडेट देता है। आप आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर "बारिश अलर्ट" सेक्शन में जाकर अपने जिले का रीयल‑टाइम डेटा देख सकते हैं। अधिकांश राज्य सरकारें भी स्थानीय भाषा में SMS सेवा देती हैं, तो अपना नंबर रजिस्टर करवा लें।
उदाहरण के तौर पर, हाल ही में IMD ने उत्तर प्रदेश के 34 जिलों में तेज़ बाढ़ और आंधी‑तूफान की चेतावनी जारी की थी। उसी तरह राजस्थान‑मध्यप्रदेश में भी गर्मी के बाद अचानक बौछार का जोखिम बताया गया है। ऐसे अलर्ट को नजरअंदाज न करें, क्योंकि ये अक्सर स्थानीय प्रशासन की आपातकालीन तैयारी से जुड़े होते हैं।
बारिश के समय सुरक्षित रहने के तरीके
सबसे पहले, अनावश्यक यात्रा से बचें। अगर रेन‑ड्रेसिंग या जलभराव की खबर मिलती है, तो सार्वजनिक ट्रांसपोर्ट या निजी गाड़ी में भी सावधानी बरतें। रास्ते पर फिसलन बढ़ जाती है और ड्राइवर का विजिबिलिटी घट जाता है।
घर में रहते हुए लाइट्स, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और बिजली के सॉकेट को जलरोधी कवर से ढकें। पानी के जमाव वाले क्षेत्रों में बाढ़ की संभावना रहती है; इसलिए फर्श पर टाइल या रबर मैट रखें ताकि जल-नियंत्रण आसान हो सके।
फसल किसान लोगों के लिए बारिश दोनों वरदान और आपदा दोनों हो सकती है। हल्की बरसात से फसल को पानी मिल जाता है, लेकिन अचानक तेज़ बाढ़ से पौधों की जड़ें क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। ऐसे में नाली साफ रखें, जल निकासी प्रणाली ठीक कराएँ और फसल को सुरक्षित रखने के लिए हाई‑ड्रेसिंग या कवरेज का उपयोग करें।
स्वास्थ्य पर भी बारिश का असर पड़ता है। गीले मौसम में मच्छर बढ़ते हैं, इसलिए डेंगू, चिकनगुनिया जैसी बीमारियों से बचने हेतु मच्छरदानी और निट्रेटेड लाइट्स का प्रयोग करें। अगर बाहर जाना पड़े तो वाटरप्रूफ जैकेट और पैर की सुरक्षा के लिए रबर जूते पहनें।
बारिश के बाद जलभराव वाले क्षेत्रों में साफ‑सफ़ाई भी जरूरी है। घर के आसपास जमा पानी को निकालें, कचरे का ढेर न बनने दें और गली-गली में सफ़ाई टीम की मदद से ड्रेनेज खोलें। इससे बायो‑हाज़र्ड कम होते हैं और जलजनित संक्रमण का खतरा घटता है।
अंत में एक बात याद रखें—बारिश के दौरान पावर कट भी अक्सर हो सकता है। मोबाइल बैटरी चार्ज रखिए, टॉर्च तैयार रखें और जरूरत पड़ने पर पड़ोसी की मदद लेनी न भूलें। अगर आप फसल या घर को नुकसान से बचाना चाहते हैं, तो स्थानीय सरकारी योजनाओं जैसे “बाढ़ राहत फंड” के बारे में जानकारी हासिल करें और आवश्यक दस्तावेज़ तैयार रखें।
तो बस, अब जब आप बारिश से जुड़ी खबरों को समझ गए हैं, तो सुरक्षित रहें, अलर्ट पर नजर रखें और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई करें। मिर्ची समाचार पर ऐसे ही अपडेट्स के लिए जुड़े रहें!
भारत और न्यूजीलैंड के बीच बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में पहले टेस्ट मैच के पहले दो दिनों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। इस वजह से मैच पर बड़ा असर पड़ सकता है, जिससे टीमें अपनी चयन रणनीति और संयोजन को बदलने पर मजबूर सकती हैं। भारतीय टीम रोहित शर्मा की कप्तानी में शानदार प्रदर्शन कर रही है, लेकिन बारिश उनकी योजनाओं में बाधा डाल सकती है।
दिल्ली और उत्तरी भारत के कई हिस्सों में भीषण गर्मी की लहर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार, 30 मई को अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच सकता है। 31 मई और 1 जून को हल्की बारिश या बूँदाबाँदी की संभावना है, जिससे तापमान में कुछ राहत मिल सकती है। लेकिन अधिकतम तापमान 44 से 43 डिग्री सेल्सियस तक बना रहेगा।