वित्तीय वर्ष 2025 की योजना – टैक्स, निवेश और बजट का आसान गाइड

नया वित्तीय साल शुरू होने वाला है, तो देर न करके अपने पैसे के लिए एक ठोस प्लान बनाएं। अगर आप सोच रहे हैं कि इस साल कौन‑सी बचत स्कीम सबसे बेहतर है या कैसे टैक्स में कटौती बढ़ाएँ, तो यह लेख आपके लिये सही जगह है। हम बात करेंगे आसान कदमों की जो तुरंत काम कर सकते हैं।

टैक्स प्लानिंग – जहाँ बचत शुरू होती है

पहला कदम है अपने आय और खर्चों को लिख लेना। अगर आप salaried या self‑employed हैं, तो अपनी कुल वार्षिक आय देखें और उसके बाद सेक्शन 80C, 80D जैसी कटौतियों का पूरा फायदा उठाएँ। 2025 में PF, PPF, ELSS और राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) की सीमा बढ़ी है, इसलिए इनमें अधिक निवेश करके आप टैक्स बचा सकते हैं। साथ ही घर के लोन पर ब्याज की डिडक्शन भी याद रखें; यह कई परिवारों के लिए बड़ी राहत बनती है।

यदि आपके पास साइड‑इनकम या फ्रीलांस प्रोजेक्ट्स हैं, तो व्यावसायिक खर्च जैसे इंटरनेट, स्टेशनरी और यात्रा का रिकॉर्ड रखिए। ये सब आय से घटाए जा सकते हैं, जिससे टैक्स में कम देना पड़ेगा। याद रखें कि रसीदें नहीं मिलने पर भी डिजिटल भुगतान के स्टेटमेंट को प्रमाणित दस्तावेज़ मान सकते हैं।

निवेश विकल्प – पैसा कहाँ लगाएँ?

वित्तीय वर्ष 2025 में कई नई निवेश स्कीम लॉन्च हुईं, जैसे कि सॉलिड गोल्ड बॉन्ड और स्टार्ट‑अप फंड्स पर टैक्स छूट। अगर आप जोखिम कम रखना चाहते हैं तो सरकारी बांड, सुकन्य योजना या डिपॉज़िट को देख सकते हैं। लेकिन अगर आप कुछ हाई रिटर्न की तलाश में हैं, तो म्यूचुअल फंड के इक्विटी वेटेड स्कीम, विशेषकर ELSS, एक बढ़िया विकल्प है क्योंकि यह 3 साल में टैक्स‑फ्री कैपिटल गेन देता है।

एक और ट्रेंड है रियल एस्टेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट (REITs) का, जो कम पूंजी से किराए की आय देती हैं। अगर आपके पास थोड़ा अतिरिक्त बचत है तो आप इसे अपने पोर्टफोलियो में जोड़ सकते हैं। ध्यान रखें कि हर निवेश के साथ जोखिम आता है; इसलिए पहले अपनी जोखिम सहनशीलता को समझें और फिर कदम बढ़ाएँ।

हमारे टैग पेज पर "Mulank 3" से जुड़ी पोस्ट ने बताया था कि वित्तीय लाभ कैसे मिल सकता है जब आप सही समय पर निर्णय लेते हैं। उसी तरह, इस साल की आर्थिक नीति में बदलावों का फायदा उठाना जरूरी है। उदाहरण के तौर पर, सरकार ने छोटे व्यवसायों के लिए नई सब्सिडी और आसान क्रेडिट स्कीम शुरू की है – इसे अपनाकर आप अपनी छोटी कंपनी को तेज़ी से बढ़ा सकते हैं।

अब बजट की बात आती है। हर महीने का बजट बनाते समय पहले आवश्यक खर्च (भोजन, किराया, बिजली) को प्राथमिकता दें, फिर बचत और निवेश के लिए राशि निर्धारित करें। एक आसान तरीका यह है कि 50/30/20 नियम अपनाएँ – 50% आय जरूरी खर्चों में, 30% इच्छाओं में और 20% बचत एवं निवेश में रखें। इस नियम से आप बिना तनाव के वित्तीय लक्ष्य हासिल कर सकते हैं।

अंत में एक छोटी सी टिप: अपने सभी फाइनेंशियल डॉक्युमेंट्स को क्लाउड या एन्क्रिप्टेड ड्राइव पर सुरक्षित रखिए। साल भर की रसीदें, बैंक स्टेटमेंट और निवेश प्रमाणपत्रों का डिजिटल बैकअप रखने से टैक्स फ़ाइलिंग आसान हो जाती है और कोई भी दस्तावेज़ खोने की चिंता नहीं रहती।

तो अब इंतजार किस बात का? अपनी आय‑व्यय सूची तैयार करें, सही स्कीम चुनें और इस वित्तीय वर्ष 2025 को अपने आर्थिक लक्ष्य हासिल करने का साल बनाएं। आप अगर कुछ नया ट्राय करना चाहते हैं तो ऊपर बताए गए विकल्पों में से एक या दो शुरू करके देखिए – परिणाम आपको खुद ही दिखेगा।

इन्फोसिस ने वित्त वर्ष 2025 के राजस्व पूर्वानुमान में वृद्धि की; BFSI की मजबूती

इन्फोसिस ने वित्त वर्ष 2025 के राजस्व पूर्वानुमान में वृद्धि की; BFSI की मजबूती

इन्फोसिस ने वित्तीय वर्ष 2025 के लिए अपने राजस्व पूर्वानुमान को बढ़ाकर 3.75-4.5% कर दिया है, जो पहले 3-4% था। वित्तीय क्षेत्र के बेहतर खर्च के चलते कंपनी की Q2 आय में वृद्धि हुई है। हालाँकि, तिमाही के दौरान कुल अनुबंध मूल्य $2.4 बिलियन था, जो Q1 FY25 के $4.1 बिलियन से कम था।

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