अगर आप स्टॉक मार्केट को फॉलो करते हैं, तो निफ्टी आपके लिए सबसे बड़ा संकेतक होगा। पिछले हफ़्ते में निफ्टी ने हल्का उछाल दिखाया, लेकिन आज के सत्र में बदलाव की संभावना बनी हुई है। इस लेख में हम देखेंगे कि कौन‑से कारक अभी इंडेक्स को आगे ले जा रहे हैं और आप क्या कदम उठा सकते हैं।
आज के मुख्य ड्राइवर कौन से?
पहले तो बात करते हैं आज की सबसे बड़ी खबरों की – भारत में मौसमी बारिश का असर, विदेशी निवेशकों की नई खरीदारी, और कुछ बड़े कंपनियों के क्वार्टरली रिज़ल्ट। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश‑दिल्ली क्षेत्र में भारी बाढ़ की चेतावनी जारी कर दी है, जिससे कृषि‑उत्पादक शेयरों में हल्का गिरावट दिख रहा है। वहीं, आईटी सेक्टर के कई नामी प्लेयर ने बेहतर परिणाम रिपोर्ट किए हैं, जिससे टेक स्टॉक्स को समर्थन मिला है।
निफ्टी पर असर डालने वाले टॉप सैक्टर्स
कौन‑से सेक्टर निफ्टी को सबसे ज्यादा प्रभावित कर रहे हैं? आज के डेटा से पता चलता है कि बैंकिंग और वित्तीय सेवाएँ अभी भी ताक़तवर हैं। रिचर्ड बैंकरों की रिपोर्ट बताती है कि लोन डिमांड में बढ़ोतरी हुई है, जिससे बड़े बैंकों के शेयर ऊपर गए हैं। दूसरी ओर, ऑटोमोबाइल सेक्टर को कच्चे माल की कीमतों में गिरावट से फायदा मिला, लेकिन कुछ कंपनियों ने नई मॉडल लॉन्च करने पर खर्चा बढ़ाने का इशारा दिया।
अब सवाल यह है – इस माह निफ्टी के लिए कौन‑सी रणनीति बेहतर रहेगी? अगर आप दीर्घकालिक निवेशक हैं तो बड़े कैप स्टॉक्स में स्थिरता देखी जा सकती है, जैसे HDFC बँक या टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज। लेकिन अगर आप ट्रेडिंग की बात कर रहे हैं, तो रैलि‑ऑफ़ से पहले छोटे‑से‑मध्यम कैप शेयरों को देखते हुए एक सेकंडरी एंट्री ले सकते हैं।
एक और ध्यान देने वाली बात है विदेशी मुद्रा बाजार का निफ्टी पर असर। डॉलर के मुकाबले रुपया थोड़ा स्थिर दिख रहा है, जिससे इम्पोर्टर कंपनियों की मार्जिन में सुधार हो सकता है। इस कारण से आप रासायनिक या फॉस्फेट कंपनियों को भी पोर्टफ़ोलियो में शामिल कर सकते हैं।
निफ्टी का वॉल्यूम भी एक संकेतक है – आज के सत्र में ट्रेडिंग वॉल्यूम पिछले सप्ताह की तुलना में 15% बढ़ा है, जिससे मार्केट में लिक्विडिटी बेहतर हुई दिख रही है। इससे छोटे निवेशकों को एंट्री‑एक्ज़िट आसान हो रहा है और अस्थिरता कम होने की संभावना है।
यदि आप अभी निफ्टी पर नया पोज़िशन खोलना चाहते हैं, तो सबसे पहले अपने रिस्क प्रोफ़ाइल का मूल्यांकन करें। यदि आपका जोखिम सहने की क्षमता मध्यम‑उच्च है, तो एक छोटे हिस्से को हाई‑ग्रोथ स्टॉक्स में लगाएँ और बाकी भाग को ब्लू-चिप्स में रखें। इस तरह आप बाजार के उतार‑चढ़ाव से बचते हुए संभावित लाभ भी कमा सकते हैं।
अंत में यह याद रखें कि निफ्टी का प्रदर्शन केवल एक दिन या दो दिनों की खबरों पर नहीं, बल्कि पूरे आर्थिक माहौल पर निर्भर करता है। इसलिए नियमित रूप से वित्तीय समाचार पढ़ें, कंपनी के क्वार्टरली रिपोर्ट देखें और तकनीकी चार्ट को समझें। इस ज्ञान के साथ आप बेहतर निर्णय ले सकेंगे और अपने निवेश को सुरक्षित रख पाएँगे।
निफ्टी के कमजोर पड़ने के बावजूद भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के शेयर मूल्य में उछाल देखा गया। कंपनी की लाभप्रदता का संकेत देते हुए रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 21.53 प्रतिशत रहा। 31 मार्च 2024 तक प्रमोटरों की 51.14 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।