हाल ही में बابر आज़म को भारत‑पाकिस्तान चैंपियंस ट्रीफि मैच में खेलने की तैयारी के कारण बड़ी बहस छिड़ गई। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के प्रमुख मोहन नकवी ने ‘जित के लिए हर कीमत’ जैसे बयान दिये, जिससे फैन और विशेषज्ञ दोनों उलझन में पड़ गए।
बाबर आज़म का चयन क्यों बना मुद्दा?
पहला कारण है बابر की हालिया फ़ॉर्म। कुछ मैचों में उनका स्कोर ठीक नहीं रहा, तो सवाल उठता है कि क्या वह टीम के लिए सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज़ हैं? दूसरा कारण है टॉप‑ऑर्डर में जगह बनाना—अगर बाबर को खेलना पडे़गा तो अन्य खिलाड़ियों की जॉब पर असर पड़ सकता है। साथ ही, भारत‑पाकिस्तान मैच का दांव बड़ा है; दोनों टीमों के फैंस इसको बहुत महत्व देते हैं और हर निर्णय पर नज़र रखे होते हैं।
पीसीबी ने कहा कि बाबर का चयन ‘टीम की जीत’ को देख कर किया गया, लेकिन आलोचक कहते हैं कि यह सिर्फ बयान नहीं, बल्कि रणनीति भी है। वे मानते हैं कि अगर बाबर आउट हो जाएँ तो टीम के पास बैक‑अप प्लान नहीं रहेगा और इससे मैच का रिजल्ट प्रभावित होगा।
आगे क्या हो सकता है?
अब समय आने वाला है जब दोनों पक्ष इस मुद्दे को सुलझाएंगे। अगर बाबर आज़म फिट होते हैं, तो टीम के क्रीज़ी फ़ैन उन्हें सपोर्ट करेंगे और मैच में उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा। वरना, यदि कोई नई योजना बनाई जाती है, तो पीसीबी संभवतः दूसरे खिलाड़ी को मौका देगा जिससे बैटिंग लाइन‑अप में संतुलन बना रहे।
फैंस के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि वे खेल को एन्जॉय करें और बिन ज़रूरी विवाद से दूर रहें। अंत में, क्रिकेट एक टीम का गेम है—एक ही खिलाड़ी नहीं, बल्कि पूरे यूनिट की परफ़ॉर्मेंस मायने रखती है।
आपके विचार क्या हैं? बाबर आज़म को खेलने देना चाहिए या नई रणनीति अपनानी चाहिए? कमेंट करके बताइए!
अहमद शहजाद ने पाकिस्तान के टी20 वर्ल्ड कप 2024 से बाहर होने के बाद बाबर आज़म को फिर से कप्तान बनाए जाने की निंदा की। शहजाद ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन नकवी पर तंज कसा और कहा कि यह फैसला टीम की हार का मुख्य कारण है।