IMD अलर्ट: 17-19 मई तक भारी बारिश, UP में लू का खतरा

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मौसम ने फिर बदलाव दिखाया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के बड़े हिस्से के लिए चेतावनी जारी कर दी है। 17, 18 और 19 मई 2026 को कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं, दूसरी ओर उत्तर भारत में गर्मी की चपेट में आने वालों के लिए स्थिति गंभीर है।

यह कोई साधारण हफ्ता नहीं होगा। एक तरफ जहां पहाड़ों और समुद्र तटों पर बादल गरजेंगे, वहीं उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे इलाकों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। यह दोहरा खतरा नागरिकों और कृषि क्षेत्र दोनों के लिए चुनौतीपूर्ण सिद्ध हो रहा है।

प्री-मानसून का बदला मिजाज: कहाँ होगी भारी बारिश?

प्री-मानसून की गतिविधियां तेज हो गई हैं। IMD के अनुसार, 17 से 19 मई 2026भारत के दौरान उत्तर-पश्चिम, पूर्व, मध्य, दक्षिण और उत्तर-पूर्वी भारत में कई जगहों पर भारी वर्षा की उम्मीद है।

उत्तर-पश्चिम भारत में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में हल्की से मध्यम बारिश के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं। धूल भरी आंधी और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा।

दक्षिण भारत में स्थिति और भी सक्रिय है। केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश सहित अन्य केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश का अलर्ट जारी है। विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में हुई रिकॉर्ड तोड़ बारिश के कारण नदियां और बांध पहले ही लबालब भर गए हैं, इसलिए नई बारिश से बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।

उत्तर प्रदेश और पूर्वी भारत: लू और गर्मी का जोखिम

बारिश की खबरों के बीच, उत्तर भारत के लोगों के लिए मुसीबत अभी शुरू होने वाली है। Preeti Nahar द्वारा लिखित रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 17 मई से अगले 4-5 दिनों तक भयंकर गर्मी और लू का प्रकोप रहने की संभावना है।

IMD ने कई जिलों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की चेतावनी दी है। लखनऊ, कांपुर, आगरा, प्रयागराज, वाराणसी और बुंदेलखंड के जिलों में दोपहर के समय तेज गर्म हवाओं (लू) का अनुभव किया जाएगा।

विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य संबंधी सलाह देते हुए कहा है कि लोग दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक धूप में निकलने से बचें। बच्चों, बुजुर्गों और खुले आसमान में काम करने वाले श्रमिकों के लिए हीट स्ट्रोक का खतरा काफी अधिक है। आर्द्रता बढ़ने से उमस भी समस्या पैदा कर सकती है।

मानसून की प्रगति: क्या राहत जल्द आएगी?

मानसून की प्रगति: क्या राहत जल्द आएगी?

अच्छी खबर यह है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अंडमान-निकोबार क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ना शुरू कर दिया है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, मानसून लगभग 26 मई 2026 के आसपास केरल पहुंच सकता है।

अगर मानसून की गति सामान्य रही, तो उत्तर प्रदेश में इसकी एंट्री करीब 18 जून 2026 के आसपास हो सकती है। हालांकि, इसके पहले प्री-मानसून की गतिविधियां सामान्य से बेहतर रहने के संकेत मिल रहे हैं, जिससे फसलों को कुछ हद तक राहत मिल सकती है।

किसानों और पशुपालकों के लिए सलाह

किसानों और पशुपालकों के लिए सलाह

इस बदलते मौसम में किसानों को सतर्क रहना होगा। तेज गर्मी और सूखी हवाओं को देखते हुए फसलों में हल्की सिंचाई बनाए रखने की सलाह दी गई है। आम और सब्जियों की फसलों में गर्म हवाओं से नुकसान की संभावना है। पशुपालकों को अपने जानवरों को दिन भर छांव और पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना जरूरी है।

Frequently Asked Questions

17 से 19 मई तक किन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी है?

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र और गोवा सहित कई राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है।

उत्तर प्रदेश में लू की स्थिति कैसी रहेगी?

17 मई से अगले 4-5 दिनों तक उत्तर प्रदेश, विशेष रूप से पश्चिमी UP और बुंदेलखंड में तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। IMD ने हीटवेव अलर्ट जारी किया है और लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।

मानसून कब भारत में प्रवेश करेगा?

मौसम विज्ञानियों के अनुमान के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून 26 मई 2026 के आसपास केरल में प्रवेश कर सकता है। यदि गति सामान्य रही, तो उत्तर प्रदेश में मानसून की एंट्री 18 जून 2026 के आसपास हो सकती है।

किसानों के लिए इस मौसम का क्या प्रभाव पड़ेगा?

तेज गर्मी और सूखी हवाओं के कारण आम और सब्जियों की फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। किसानों को फसलों में हल्की सिंचाई बनाए रखने और पशुओं को छांव व पानी उपलब्ध कराने की सलाह दी गई है। प्री-मानसून की अच्छी गतिविधियों से कुछ राहत मिल सकती है।

क्या ओलावृष्टि का खतरा है?

हाँ, IMD ने पूर्व और मध्य भारत के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि (Hailstorm) की संभावना जताई है। इसके अलावा, कई क्षेत्रों में 40-50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं और धूल भरी आंधी का भी खतरा बना हुआ है।

द्वारा लिखित Shiva Parikipandla

मैं एक अनुभवी समाचार लेखिका हूं और रोज़ाना भारत से संबंधित समाचार विषयों पर लिखना पसंद करती हूं। मेरा उद्देश्य लोगों तक सटीक और महत्वपूर्ण जानकारी पहुँचाना है।