जब आप पैसा लगाते हैं तो डरते नहीं कि कहीं सब कुछ उड़ न जाए? यही है निवेश जॉखिम. कई लोग सोचते हैं कि सिर्फ शेयर या रियल एस्टेट ही जोखिम भरे होते हैं, पर असली बात यह है कि हर जगह थोड़ा‑बहुत जोखिम रहता है। इस लेख में हम बताएंगे किस तरह के जोखिम होते हैं और कैसे आप उन्हें कम कर सकते हैं.
मुख्य प्रकार के जॉखिम
पहला है बाजार जोखिम. शेयर, बॉन्ड या म्यूचुअल फंड की कीमतें दिन‑दिन बदलती रहती हैं। अगर आप बिना रिसर्च के पैसा लगाते हैं तो नुकसान का खतरा बढ़ जाता है. दूसरा है क्रेडिट जोखिम. जब आप बैंक में जमा या बांड खरीदते हैं और वो संस्था डिफॉल्ट कर जाए, तो आपका पैसा वापस नहीं मिल पाता.
तीसरा है तरलता जोखिम. कुछ निवेश जैसे प्रॉपर्टी जल्दी बेचने पर कम कीमत पर बिक सकते हैं। अगर आप नकदी की जरूरत में हों तो यह समस्या बन सकती है. चौथा है मौसम/भू‑राजनीतिक जोखिम. बाढ़, धूप या अंतरराष्ट्रीय टकराव से भी निवेश प्रभावित हो सकता है.
जोखिम कम करने के आसान कदम
पहला कदम है विविधीकरण. सभी पैसे को एक ही शेयर में न लगाएँ; अलग‑अलग एसेट क्लास जैसे म्यूचुअल फंड, सोना और रियल एस्टेट में बाँटें. दूसरा है समय का चयन. अगर बाजार गिर रहा हो तो थोड़ा इंतजार करें, नहीं तो खरीदारी के बाद तुरंत बेचने से बचें.
तीसरा टिप है लक्ष्य तय करना. आप 5 साल में कितना रिटर्न चाहते हैं? लक्ष्य स्पष्ट होने पर निवेश का विकल्प चुनना आसान रहता है. चौथा कदम है नियमित जांच. हर महीने या तिमाही में अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करें, अगर कोई एसेट लगातार घट रहा हो तो उसका हिस्सा कम कर दें.
अंत में याद रखें: जोखिम पूरी तरह हटाना संभव नहीं, लेकिन उसे समझकर और योजना बनाकर नुकसान को न्यूनतम किया जा सकता है. जब आप हर निर्णय को डेटा और अपने लक्ष्य से जोड़ते हैं, तो निवेश का सफ़र ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद बनता है.
बिटकॉइन और ईथर में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे $220 बिलियन का मूल्य समाप्त हो चुका है। यह गिरावट वैश्विक आर्थिक मंदी की आशंकाओं के कारण है। क्रिप्टो बाजार में हाल ही में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया है, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ी है। इस लेख में क्रिप्टो निवेश जोखिमों और भारतीय बाजार की स्थिति पर चर्चा की गई है।